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📘 RAS A2Z Junior Accountant — Debentures (Issue & Accounting)

अध्याय 5: डिबेंचर (निर्गमन एवं लेखांकन व्यवहार) Chapter 5

Debentures (Issue and Accounting Treatment) — Junior Accountant (RVUNL / RVPN / JVNN / AVVN / JdVNN)
✅ Companies Act 2013 (धारा 2(30), 71, 72, 73) | पूर्ण बिलिंगुअल सिलेबस
"सफलता उन्हें मिलती है जो तैयारी करते हैं।" — Success comes to those who prepare.

1 अध्याय का अवलोकन

डिबेंचर (Debentures) कंपनी द्वारा जारी किए गए ऋण के साधन (Debt Instruments) हैं। ये कंपनी की उधार ली गई पूंजी (Borrowed Capital) का प्रतिनिधित्व करते हैं। डिबेंचर धारक कंपनी के लेनदार (Creditors) होते हैं, मालिक नहीं। इन्हें एक निश्चित दर पर ब्याज (Interest) मिलता है और एक निश्चित अवधि के बाद मूलधन वापस किया जाता है।

यह अध्याय डिबेंचरों के विभिन्न प्रकारों, उनकी विशेषताओं, निर्गमन की लेखांकन प्रविष्टियों, ब्याज की गणना, अवमूल्य/अधिमूल्य पर निर्गमन, और मोचन से संबंधित लेखांकन व्यवहार की विस्तृत व्याख्या करता है।

2 अधिगम उद्देश्य

क्र.उद्देश्य
1.डिबेंचर का अर्थ समझना
2.शेयर और डिबेंचर में अंतर करना
3.डिबेंचर के प्रकार सीखना
4.डिबेंचरों के निर्गमन का लेखांकन समझना
5.डिबेंचर पर ब्याज सीखना
6.डिबेंचरों के निर्गमन पर अवमूल्य/अधिमूल्य समझना
7.संख्यात्मक प्रश्न हल करना

3 मूल अवधारणाएँ

डिबेंचर — यह कंपनी द्वारा जारी किया गया एक ऋण पत्र (Loan Certificate) है। जब कंपनी को पूंजी की आवश्यकता होती है लेकिन वह शेयर जारी नहीं करना चाहती, तो वह डिबेंचर जारी करती है। डिबेंचर धारक कंपनी को पैसा उधार देते हैं और बदले में ब्याज प्राप्त करते हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • डिबेंचर धारक लेनदार (Creditor) हैं, मालिक (Owner) नहीं
  • इन्हें निश्चित दर पर ब्याज (Interest) मिलता है
  • ब्याज कंपनी के लिए एक व्यय (Expense) है
  • डिबेंचर का मोचन (Redemption) एक निश्चित अवधि के बाद होता है

4 तकनीकी परिभाषा

📌 Companies Act, 2013 — धारा 2(30):
"डिबेंचर में डिबेंचर स्टॉक, बांड और कंपनी की कोई अन्य प्रतिभूतियाँ शामिल हैं, चाहे वे कंपनी की संपत्ति पर प्रभार बनाती हैं या नहीं।"

5 डिबेंचरों की विशेषताएँ

क्र.विशेषतास्पष्टीकरण
1.ऋण साधनउधार ली गई पूंजी, स्वामित्व नहीं
2.निश्चित ब्याजनिश्चित दर पर ब्याज
3.निश्चित मोचननिश्चित अवधि के बाद मोचन
4.कोई मतदान अधिकार नहींप्रबंधन पर कोई नियंत्रण नहीं
5.सुरक्षासुरक्षित या असुरक्षित हो सकते हैं
6.मोचनपरिपक्वता पर चुकाया जाता है

6 डिबेंचरों के प्रकार

A. सुरक्षा के आधार पर

1. सुरक्षित डिबेंचर (Secured Debentures)

इन डिबेंचरों पर कंपनी की संपत्ति (Assets) पर प्रभार (Charge) होता है। यदि कंपनी ब्याज या मूलधन नहीं चुकाती है, तो डिबेंचर धारक कंपनी की संपत्ति बेचकर अपना पैसा वसूल कर सकते हैं।

2. असुरक्षित/नंगे डिबेंचर (Unsecured/Naked Debentures)

इन डिबेंचरों पर किसी संपत्ति पर प्रभार नहीं होता। ये केवल कंपनी की साख (Creditworthiness) पर आधारित होते हैं।

B. मोचन के आधार पर

3. निःशोध्य डिबेंचर (Redeemable Debentures)

ये डिबेंचर एक निश्चित अवधि के बाद मोचित (Redeemed) किए जाते हैं।

4. अनिःशोध्य/सतत डिबेंचर (Irredeemable/Perpetual Debentures)

इन डिबेंचरों की कोई निश्चित मोचन अवधि नहीं होती। कंपनी इन्हें कभी भी मोचित कर सकती है।

C. रूपांतरण के आधार पर

5. रूपांतरणीय डिबेंचर (Convertible Debentures)

इन डिबेंचरों को एक निश्चित अवधि के बाद इक्विटी शेयरों या वरीयता शेयरों में रूपांतरित (Convert) किया जा सकता है।

प्रकार:

  • पूर्ण रूपांतरणीय डिबेंचर (FCD): 100% इक्विटी में रूपांतरण
  • आंशिक रूपांतरणीय डिबेंचर (PCD): आंशिक रूपांतरण, आंशिक मोचन

6. गैर-रूपांतरणीय डिबेंचर (NCD) (Non-Convertible Debentures)

इन डिबेंचरों को इक्विटी शेयरों में रूपांतरित नहीं किया जा सकता। ये केवल नकद में मोचित होते हैं।

D. पंजीकरण के आधार पर

7. पंजीकृत डिबेंचर (Registered Debentures)

इन डिबेंचरों का पंजीकरण कंपनी की पुस्तकों में होता है। हस्तांतरण के लिए पंजीकरण आवश्यक है।

8. वाहक डिबेंचर (Bearer Debentures)

ये डिबेंचर धारक को देय (Payable to Bearer) होते हैं। हस्तांतरण के लिए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती। ब्याज और मूलधन का भुगतान प्रस्तुतकर्ता (Bearer) को किया जाता है।

7 डिबेंचरों के प्रकार — सारांश

आधारप्रकारहिंदीमुख्य विशेषता
सुरक्षाSecuredसुरक्षितसंपत्ति पर प्रभार
सुरक्षाUnsecuredअसुरक्षितकोई प्रभार नहीं
मोचनRedeemableनिःशोध्यनिश्चित अवधि के बाद मोचन
मोचनIrredeemableअनिःशोध्यकोई निश्चित मोचन नहीं
रूपांतरणConvertibleरूपांतरणीयइक्विटी में रूपांतरण
रूपांतरणNon-Convertibleगैर-रूपांतरणीयरूपांतरण नहीं
पंजीकरणRegisteredपंजीकृतपुस्तकों में पंजीकृत
पंजीकरणBearerवाहकधारक को देय

8 डिबेंचरों का लेखांकन व्यवहार

8.1 डिबेंचरों का निर्गमन — जर्नल प्रविष्टियाँ

A. सममूल्य पर निर्गमन (Issue at Par)

📐 उदाहरण: ₹100 वाले 10,000 डिबेंचर सममूल्य पर निर्गमित
विवरणडेबिटक्रेडिट
बैंक खाता Dr. (10,000 × ₹100)10,00,000
To डिबेंचर आवेदन खाता10,00,000
विवरणडेबिटक्रेडिट
डिबेंचर आवेदन खाता Dr.10,00,000
To 10% डिबेंचर खाता10,00,000

B. अधिमूल्य पर निर्गमन (Issue at Premium)

📐 उदाहरण: ₹100 वाले 10,000 डिबेंचर ₹110 पर निर्गमित (Premium ₹10)
विवरणडेबिटक्रेडिट
बैंक खाता Dr. (10,000 × ₹110)11,00,000
To डिबेंचर आवेदन खाता11,00,000
विवरणडेबिटक्रेडिट
डिबेंचर आवेदन खाता Dr.11,00,000
To 10% डिबेंचर खाता (10,000 × ₹100)10,00,000
To प्रतिभूति अधिमूल्य खाता (10,000 × ₹10)1,00,000

C. अवमूल्य पर निर्गमन (Issue at Discount)

⚠️ महत्वपूर्ण: डिबेंचरों का अवमूल्य पर निर्गमन अनुमत है (शेयरों के विपरीत)।
📐 उदाहरण: ₹100 वाले 10,000 डिबेंचर ₹95 पर निर्गमित (Discount ₹5)
विवरणडेबिटक्रेडिट
बैंक खाता Dr. (10,000 × ₹95)9,50,000
डिबेंचर निर्गमन अवमूल्य खाता Dr. (10,000 × ₹5)50,000
To डिबेंचर आवेदन खाता10,00,000
विवरणडेबिटक्रेडिट
डिबेंचर आवेदन खाता Dr.10,00,000
To 10% डिबेंचर खाता10,00,000

8.2 डिबेंचर पर ब्याज

📐 ब्याज = डिबेंचर राशि × दर × समय
📌 उदाहरण: ₹10,00,000 डिबेंचर @ 10% प्रति वर्ष
वार्षिक ब्याज = ₹10,00,000 × 10% = ₹1,00,000
अर्ध-वार्षिक ब्याज = ₹10,00,000 × 10% × 6/12 = ₹50,000

ब्याज उपार्जन की जर्नल प्रविष्टि

विवरणडेबिटक्रेडिट
डिबेंचर पर ब्याज खाता Dr.XXX
To डिबेंचर धारक खाताXXX

ब्याज भुगतान की जर्नल प्रविष्टि

विवरणडेबिटक्रेडिट
डिबेंचर धारक खाता Dr.XXX
To बैंक खाताXXX

8.3 डिबेंचर निर्गमन अवमूल्य का अपलिखन

विधि 1: डिबेंचरों की अवधि में अपलिखन

📐 वार्षिक अपलिखन = कुल अवमूल्य ÷ वर्षों की संख्या

अपलिखन की जर्नल प्रविष्टि

विवरणडेबिटक्रेडिट
लाभ-हानि खाता Dr.XXX
To डिबेंचर निर्गमन अवमूल्य खाताXXX

8.4 डिबेंचर निर्गमन पर हानि

जब डिबेंचर अवमूल्य पर निर्गमित किए जाते हैं और अधिमूल्य पर मोचित किए जाते हैं, तो निर्गमन पर हानि होती है।

📐 निर्गमन पर कुल हानि = अवमूल्य + मोचन पर अधिमूल्य
📌 उदाहरण: ₹100 वाले 10,000 डिबेंचर ₹95 पर निर्गमित, ₹105 पर मोचित
अवमूल्य = ₹5 प्रति डिबेंचर
मोचन पर अधिमूल्य = ₹5 प्रति डिबेंचर
कुल हानि = ₹10 प्रति डिबेंचर = ₹1,00,000

9 महत्वपूर्ण सूत्र

1. ब्याज = अंकित मूल्य × दर × समय
2. अर्ध-वार्षिक ब्याज = वार्षिक ब्याज × 6/12
3. अवमूल्य = संख्या × (अंकित मूल्य − निर्गमन मूल्य)
4. अधिमूल्य = संख्या × (निर्गमन मूल्य − अंकित मूल्य)
5. मोचन पर अधिमूल्य = संख्या × (मोचन मूल्य − अंकित मूल्य)
6. कुल हानि = अवमूल्य + मोचन पर अधिमूल्य
7. वार्षिक अपलिखन = कुल हानि ÷ वर्षों की संख्या
8. डिबेंचर राशि = संख्या × अंकित मूल्य
9. निर्गमन पर प्राप्त राशि = संख्या × निर्गमन मूल्य
10. मोचन पर देय राशि = संख्या × मोचन मूल्य

10 हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न

प्रश्न 1 (Level 1 — Basic)

एक कंपनी ने ₹100 वाले 5,000 डिबेंचर सममूल्य पर निर्गमित किए। जर्नल प्रविष्टियाँ बनाएँ।

हल: बैंक Dr. ₹5,00,000, डिबेंचर आवेदन Cr. ₹5,00,000; डिबेंचर आवेदन Dr. ₹5,00,000, 10% डिबेंचर Cr. ₹5,00,000

प्रश्न 2 (Level 1 — Basic)

एक कंपनी ने ₹100 वाले 8,000 डिबेंचर ₹110 पर (₹10 अधिमूल्य) निर्गमित किए। जर्नल प्रविष्टियाँ बनाएँ।

हल: बैंक Dr. ₹8,80,000, डिबेंचर आवेदन Cr. ₹8,80,000; डिबेंचर आवेदन Dr. ₹8,80,000, 10% डिबेंचर Cr. ₹8,00,000, प्रतिभूति अधिमूल्य Cr. ₹80,000

प्रश्न 3 (Level 1 — Basic)

एक कंपनी ने ₹100 वाले 6,000 डिबेंचर ₹95 पर (₹5 अवमूल्य) निर्गमित किए। जर्नल प्रविष्टियाँ बनाएँ।

हल: बैंक Dr. ₹5,70,000, अवमूल्य Dr. ₹30,000, डिबेंचर आवेदन Cr. ₹6,00,000; डिबेंचर आवेदन Dr. ₹6,00,000, 10% डिबेंचर Cr. ₹6,00,000

प्रश्न 4 (Level 2 — Moderate)

एक कंपनी ने ₹10,00,000 के 10% डिबेंचर जारी किए। वार्षिक ब्याज की गणना करें और जर्नल प्रविष्टि बनाएँ।

हल: वार्षिक ब्याज = ₹10,00,000 × 10% = ₹1,00,000

प्रश्न 5 (Level 2 — Moderate)

एक कंपनी ने ₹100 वाले 8,000 डिबेंचर ₹5 अवमूल्य पर निर्गमित किए। ये डिबेंचर 5 वर्षों के बाद मोचित हैं। अवमूल्य को डिबेंचरों की अवधि में अपलिखित करें।

हल: कुल अवमूल्य = 8,000 × ₹5 = ₹40,000; वार्षिक अपलिखन = ₹40,000 ÷ 5 = ₹8,000

प्रश्न 6 (Level 3 — Graduation Level)

एक कंपनी ने ₹100 वाले 12,000 डिबेंचर ₹92 पर निर्गमित किए। ये ₹105 पर मोचित हैं। निर्गमन पर हानि की गणना करें और वार्षिक अपलिखन ज्ञात करें (6 वर्ष)।

हल:
अवमूल्य = 12,000 × ₹8 = ₹96,000
मोचन पर अधिमूल्य = 12,000 × ₹5 = ₹60,000
कुल हानि = ₹1,56,000
वार्षिक अपलिखन = ₹1,56,000 ÷ 6 = ₹26,000

11 महत्वपूर्ण अंतर

शेयर vs डिबेंचर

आधारशेयरडिबेंचर
प्रकृतिस्वामित्व पूंजीउधार पूंजी
धारकस्वामी/शेयरधारकलेनदार
प्रतिफललाभांशब्याज
दरपरिवर्तनशीलनिश्चित
भुगतानकेवल लाभ होने परअनिवार्य
मतदान अधिकारहाँनहीं

सुरक्षित vs असुरक्षित डिबेंचर

आधारसुरक्षितअसुरक्षित
प्रभारसंपत्ति पर प्रभारकोई प्रभार नहीं
जोखिमकमअधिक
ब्याज दरकमअधिक

12 सामान्य गलतियाँ — परीक्षा ट्रैप्स

🔴 शीर्ष 10 परीक्षा ट्रैप्स

  • ट्रैप 1: "डिबेंचर धारक स्वामी हैं" ❌ → डिबेंचर धारक लेनदार हैं ✅
  • ट्रैप 2: "डिबेंचरों को मतदान अधिकार होते हैं" ❌ → कोई मतदान अधिकार नहीं ✅
  • ट्रैप 3: "शेयर और डिबेंचर का अवमूल्य समान है" ❌ → डिबेंचर पर अवमूल्य अनुमत है ✅
  • ट्रैप 4: "डिबेंचर पर ब्याज लाभांश जैसा है" ❌ → ब्याज व्यय है, लाभांश आवंटन है ✅
  • ट्रैप 5: "डिबेंचर अवमूल्य पर निर्गमित नहीं किए जा सकते" ❌ → अवमूल्य अनुमत है ✅
  • ट्रैप 6: "मोचन पर अधिमूल्य लाभ है" ❌ → मोचन पर अधिमूल्य देयता है ✅
  • ट्रैप 7: "निर्गमन पर हानि एक वर्ष में अपलिखित होती है" ❌ → अवधि में अपलिखित होती है ✅
  • ट्रैप 8: "रूपांतरणीय डिबेंचर हमेशा इक्विटी में रूपांतरित होते हैं" ❌ → रूपांतरण हो सकता है या नहीं ✅
  • ट्रैप 9: "असुरक्षित डिबेंचर सुरक्षित नहीं हैं" ❌ → जोखिम अधिक है लेकिन कानूनी हैं ✅
  • ट्रैप 10: "डिबेंचर और बांड अलग हैं" ❌ → दोनों ऋण साधन हैं ✅

13 महत्वपूर्ण तथ्य — परीक्षा विशेष

1. धारा 2(30) — डिबेंचर की परिभाषा
2. धारा 71 — डिबेंचरों का निर्गमन
3. धारा 72 — मतदान अधिकार वाले डिबेंचर निषिद्ध
4. धारा 73 — जमा स्वीकार करने पर प्रतिबंध
5. डिबेंचर = ऋण साधन (उधार पूंजी)
6. डिबेंचर धारक = लेनदार (Creditor)
7. डिबेंचरों का कोई मतदान अधिकार नहीं
8. ब्याज = निश्चित दर, अनिवार्य
9. ब्याज = व्यय (लाभ-हानि में)
10. अवमूल्य पर निर्गमन अनुमत
11. अधिमूल्य पर निर्गमन → प्रतिभूति अधिमूल्य
12. निर्गमन पर हानि = अवमूल्य + मोचन पर अधिमूल्य

14 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q1. डिबेंचर क्या है?
(a) स्वामित्व साधन (b) ऋण साधन (c) दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
✅ सही उत्तर: (b) ऋण साधन
व्याख्या: डिबेंचर कंपनी द्वारा जारी किए गए ऋण साधन हैं।
Q2. डिबेंचर धारक क्या हैं?
(a) स्वामी (b) लेनदार (c) कर्मचारी (d) प्रबंधक
✅ सही उत्तर: (b) लेनदार
व्याख्या: डिबेंचर धारक कंपनी के लेनदार होते हैं।
Q3. डिबेंचर पर ब्याज क्या है?
(a) आय (b) व्यय (c) पूंजी (d) आरक्षित
✅ सही उत्तर: (b) व्यय
व्याख्या: डिबेंचर पर ब्याज कंपनी के लिए एक व्यय है।
Q4. डिबेंचर को अवमूल्य पर निर्गमित किया जा सकता है?
(a) नहीं (b) हाँ (c) केवल सरकारी अनुमति से (d) केवल SEBI की अनुमति से
✅ सही उत्तर: (b) हाँ
व्याख्या: डिबेंचर अवमूल्य पर निर्गमित किए जा सकते हैं (शेयरों के विपरीत)।
Q5. डिबेंचर की परिभाषा किस धारा में है?
(a) धारा 2(30) (b) धारा 71 (c) धारा 72 (d) धारा 73
✅ सही उत्तर: (a) धारा 2(30)
व्याख्या: Companies Act 2013 की धारा 2(30) में डिबेंचर की परिभाषा है।

15 अति लघु नोट्स — Quick Revision

डिबेंचर: ऋण साधन (उधार पूंजी)
धारक: लेनदार (Creditor)
ब्याज: निश्चित, अनिवार्य, व्यय
मतदान: कोई अधिकार नहीं
अवमूल्य: अनुमत
धारा 2(30): परिभाषा
धारा 71: निर्गमन
ब्याज सूत्र: राशि × दर × समय
निर्गमन हानि: अवमूल्य + मोचन अधिमूल्य
वार्षिक अपलिखन: कुल हानि ÷ वर्ष